ये हैं भारत के 5 प्रमुख लक्ष्मी मंदिर

लक्ष्मी हिंदू धर्म के प्रमुख देवी-देवताओं में से एक है। इन्हें धन-धान्य की देवी माना जाता है और दिवाली का त्योहार मुख्य रूप से देवी लक्ष्मी को ही समर्पित माना जाता है। दिवाली के त्योहार पर हम आपको देवी लक्ष्मी के ऐसे ही 8 मंदिरों के बारे में बताने जा रहें हैं, जो की सुंदर से साथ ही महत्वपूर्ण भी है।

1. लक्ष्मी नारायण मंदिर, वेल्लूर (Lakshmi Narayan Temple, Vellore) :-

तमिलनाडु राज्य के खास शहर वेल्लूर से 7 किलोमीटर दूर थिरुमलाई कोड़ी में यह स्वर्ण मंदिर स्तिथ है। इस मंदिर को बनने में 7 वर्षों का समय लगा, जो लगभग 100 एकड़ भूमि के ऊपर बना हुआ है। महालक्ष्मी मंदिर के निर्माण में तक़रीबन 15,000 किलोग्राम विशुद्ध सोने का इस्तेमाल हुआ है। 24 अगस्त 2007 को यह मंदिर दर्शन के लिए खोला गया था।

2. महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई (Mahalakshmi Temple, Mumbai) :-

समुद्र किनारे स्तिथ यह मंदिर सुन्दर और आकर्षक है। मंदिर में कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित हैं। कहते है कि मां ने एक ठेकेदार के सपने में आकर समुद्र में से तीनों मूर्तियां निकाल स्थापित करने को कहा था। मुम्बई के महालक्ष्मी मंदिर में वही तीन मूर्तियां महालक्ष्मी, महाकाली एवं महासरस्वती के रूप में स्थापित है।

3. लक्ष्मी नारायण मंदिर, दिल्ली (Lakshmi Narayan Temple, Delhi) :-

इसे दिल्ली का बिड़ला मंदिर भी कहते है। यह मंदिर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित है। यह मंदिर राजा बलदेव बिड़ला द्वारा बनवाया गया था और महात्मा गांधी ने इसका उदघाटन किया था। यह मंदिर मूल रूप में 1622 में वीर सिंह देव ने बनवाया था और 1793 में पृथ्वी सिंह ने में जीर्णोद्वार कराया। 1938 में बिड़ला समूह ने इसका विस्तार और पुनरोद्धार कराया।

4. लक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर (Mahalakshmi Temple, Kolhapur) :-

कोल्हापुर महाराष्ट्र का जिला है। यहां देवी लक्ष्मी को अम्बा जी के नाम पुकारा जाता है। कहते हैं इस मंदिर का निर्माण प्राचीन काल में चालुक्य शासक कर्णदेव ने 7वीं शताब्दी में करवाया था। मंदिर के गर्भगृह में लक्ष्मी की लगभग 40 किलो की प्रतिमा है, जिसकी लंबाई चार फ़ीट है। इस मंदिर में मां की मूर्ति पर सूर्य की किरणें पड़ती है।

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